द फॉलोअप नेशनल डेस्क
ओडिशा में BJD की हार के बाद मचे घमासान के बाद नवीन पटनायक के करीबी वीके पांडियन ने राजनीति को 'अलविदा' कहते हुए सन्यास की घोषणा कर दी है। मिल रही खबरों के मुताबिक बीजेडी़ के वीके पांडियन ने पार्टी के पराजय की जिम्मेदारी लेते हुए सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की है। बता दें कि ओडिशा में बीजेपी की जीत के बाद बीजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन पटनायक का ढाई दशक का लंबा राज खत्म हो गया है। सत्ता के गलियारों से आ रही खबरों में कहा गया है कि उनकी हार का मुख्य जिम्मेदार उनके कथित उत्तराधिकारी वीके पांडियन को माना जा रहा है।

क्या कहा पांडियन ने
बता दें कि चुनावों के दौरान बीजेपी ने वीके पांडियन को बाहरी के तौर पर प्रोजक्ट किया। इसमें बीजेपी सफल भी रही। इसका खामियाजा बीजेडी को चुनाव में मिली शिकस्त से उठाना पड़ा। बीजेडी नेता वीके पांडियन ने कहा, “मैंने यह तय किया है कि मैं खुद को सक्रिय राजनीति से अलग कर रहा हूं। अगर मैंने इस यात्रा के दौरान किसी को ठेस पहुंचाई है, तो मुझे खेद है। अगर, मेरे खिलाफ चले विपक्ष के अभियान की वजह से बीजेडी की हार हुई है, तो मैं आफ सभी से माफी मांगना चाहता हूं।“

कौन हैं वीके पांडियन
वीके पांडियन का पूरा नाम कार्तिकेयन पांडियन है। वे पूर्व आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। नवंबर 2023 में, पांडियन को कैबिनेट मंत्री का पद दिया गया। इसके साथ ही 5T (परिवर्तनकारी पहल) के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी उनको दी गयी। इससे पहले, पांडियन ने 12 वर्षों तक मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव और ओडिशा सरकार के मुख्यमंत्री परिवर्तनकारी पहल के सचिव के रूप में कार्य किया। 27 नवंबर 2023 को वह मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में औपचारिक रूप से बीजू जनता दल में शामिल हो गए।
